संस्कार भारती

संस्कार भारती की संकल्पना संस्कृति से संबद्ध है। साधारण व्यक्ति संस्कार को शिक्षा का पर्याय समझता है। जहां शिक्षा का सम्बन्ध बुद्धि से है, वहाँ संस्कार का सम्बन्ध मन, हृदय और आत्मा से है। संस्कार अनेक तत्वों का सामूहिक प्रतिफल होता है। ये तत्व आंतरिक भी होते है और बाहरी भी। ये व्यक्तिपरक भी होते है और वस्तुपरक भी। ऐसे तत्वों में कला का स्थान सर्वोपरि है।

संस्कार भारती कला के माध्यम से संस्कार रोपण को पूरा करना चाहती है।मानव के सच्चे संसार का, सत्यं शिवं सुन्दरम् के चिन्मय् संसार का सृजन ही कला का धर्म, कर्म और मर्म है। संस्कार भारती का लक्ष्य मूल्य आधारित कला और मनोरंजन द्वारा व्यक्ति का विकास करना है।

पद्मश्री डॉ विष्णु श्रीधर वाकणकर

जन्मशताब्दी : 1919 – 2019

भारत रत्न चंडिकादास अमृतराव देशमुख ( नानाजी ) देशमुख

1916 – 2010

संस्कार भारती इवेंट्स ​

कुम्भ प्रयागराज

4 मार्च  2019

सिंहस्थ उज्जैन

22 अप्रैल 2016

संस्कार भारती अखिल भारतीय कार्यकारिणी (2018 - 2021)

संस्कार भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक अनुसांगिक संस्था है। समाज के विभिन्न वर्गों में कला के द्वारा राष्ट्रभक्ति एवं योग्य संस्कार जगाने, विभिन्न कलाओं का प्रशिक्षण व नवोदित कलाकारों को प्रोत्साहन देकर इनके माध्यम से सांस्कृतिक प्रदूषण रोकने के उद्देश्य से संस्कार भारती कार्य कर रही है।

बाबा योगेंद्र जी

संपर्क अधिकारी

श्री राजदत्त जी

संरक्षक

श्री सवन्त रंजन

संपर्क अधिकारी

श्री अमीर चंद

महामंत्री

श्री सुरेश बिंदल

उपाध्यक्ष

श्री रविंद्र बेडेकर

सह कोषाध्यक्ष

डॉ परमिला गुरुमूर्थी

उपाध्यक्ष

श्री निरंजन पंडा

मंत्री

श्री सुभाष चंद अग्रवाल

कोषाध्यक्ष

श्री वासुदेव कामथ

अध्यक्ष

श्री बांकेलाल गौर

उपाध्यक्ष

डॉ हेमलला स मोहन

उपाध्यक्ष

श्री चेतन कुमार जोशी

मंत्री

श्री सुबोध शर्मा

सह कोषाध्यक्ष

श्री अभिजीत गोखले

संगठन मंत्री

श्री अशोक कुमार तिवारी

मंत्री

श्रीमती नीलांजना रॉय

मंत्री

" ध्येय गीत "

साधयति संस्कार भारती   भारते नवजीवनम्              ।


प्रणवमूलं प्रगतिशीलं,  प्रखर- राष्ट्र विवर्धकम्              ।

शिवं सत्यं सुन्दरं,   अभिनवं संस्करणोदयमम्            ।।

                                      साधयति संस्कार भारती…

मधुर मंजुल रागभरितम् ,    हृदय-तन्त्री मन्त्रितम्         ।

वादयति संगीतकम्, वसुधैकभावन- पोषकम्             ।।

                                      साधयति संस्कार भारती…

ललित रसमय लाय लास्य लीला, चंड तांडव गमकहेला ।

कलित जीवन नाट्यवेदम्,  कांति क्रांति कथा प्रमोदम्  ।।

                                       साधयति संस्कार भारती…

चतु: षष्ठिकलान्वितम्,  परमेष्ठिना परिवर्तितम्               ।

विश्वचक्र भ्रमण रूपम्,  शाश्वतं श्रुति सम्मतम्              ।।

                                        साधयति संस्कार भारती…

जीवयत्यभिलेखमखिलम्,  सप्तवर्ण समीकृतम्             ।

प्लावयति रससिन्धुना ,प्रतिहिन्दुमानसनन्दनम्             ।।

                                        साधयति संस्कार भारती…

रचयिताः स्व. डॉ. घनश्यामल प्रसाद राव

( संस्कार भारती के पूर्व केंद्रीय उपाध्यक्ष )

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संस्कार भारती से जुड़ें क्योंकि हम एक ऐसा देश चाहते हैं, जहां लोग अपनी प्रतिभा को बेहतर बनाने के लिए न केवल नाम और प्रसिद्धि के लिए बल्कि मानवता की सेवा करने और भगवान की पूजा करने के लिए स्वतंत्र महसूस करें। संस्कार भारती, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की एक अनुसांगिक संस्था है।

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